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पाठ 7: जामुन का पेड़
अभ्यास प्रश्नोत्तर
1. "बेचारा जामुन का पेड़। कितना फलदार था।" और "इसकी जामुनें कितनी रसीली होती थीं।"
(क) ये संवाद किसने और कब कहे?
उत्तर: ये संवाद सेक्रेटेरियट के क्लर्कों ने तब कहे, जब रात की आँधी में लॉन में जामुन का पेड़ गिर गया और उसके नीचे एक आदमी दब गया।
उत्तर: ये संवाद सेक्रेटेरियट के क्लर्कों ने तब कहे, जब रात की आँधी में लॉन में जामुन का पेड़ गिर गया और उसके नीचे एक आदमी दब गया।
(ख) इनसे लोगों की किस मानसिकता का पता चलता है?
उत्तर: इससे लोगों की स्वार्थी और संवेदनहीन मानसिकता का पता चलता है। उन्हें मरते हुए इंसान की जान की फिक्र नहीं, बल्कि रसीले जामुनों के छिन जाने का दुख है।
उत्तर: इससे लोगों की स्वार्थी और संवेदनहीन मानसिकता का पता चलता है। उन्हें मरते हुए इंसान की जान की फिक्र नहीं, बल्कि रसीले जामुनों के छिन जाने का दुख है।
2. दबा हुआ आदमी एक कवि है, यह बात कैसे पता चली और इस जानकारी का फाइल की यात्रा पर क्या असर पड़ा?
उत्तर: रात को दर्द से कराहते हुए आदमी ने मिर्ज़ा गालिब का एक शेर पढ़ा, जिससे पता चला कि वह कवि है। यह जानकर मामला कल्चरल डिपार्टमेंट को भेज दिया गया और बचाव कार्य में और देरी हो गई।
3. कृषि-विभाग वालों ने मामले को हॉर्टीकल्चर विभाग को सौंपने के पीछे क्या तर्क दिया?
उत्तर: कृषि-विभाग ने तर्क दिया कि उनका काम अनाज और खेती-बाड़ी से जुड़ा है। चूँकि जामुन का पेड़ एक फलदार पेड़ है, इसलिए इस मामले की ज़िम्मेदारी हॉर्टीकल्चर (उद्यान) विभाग की बनती है।
4. इस पाठ में सरकार के किन-किन विभागों की चर्चा की गई है और पाठ से उनके कार्य के बारे में क्या अंदाज़ा मिलता है?
उत्तर: पाठ में व्यापार, कृषि, हॉर्टीकल्चर, मेडिकल, कल्चरल और फॉरेस्ट विभाग की चर्चा है। इससे अंदाज़ा मिलता है कि सरकारी विभाग संवेदनहीन हैं, अपनी ज़िम्मेदारी एक-दूसरे पर टालते हैं और कागज़ी कार्रवाई में समय बर्बाद करते हैं।
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