कक्षा ग्यारहवीं हिंदी मीरा के पद पाठ का संपूर्ण सॉल्यूशन एनसीआरटी

काव्य खंड - पाठ 2: मीरा

काव्य खंड - पाठ 2

मीरा (मेरे तो गिरधर गोपाल)

1. मीरा कृष्ण की उपासना किस रूप में करती हैं? वह रूप कैसा है?
उत्तर: मीरा कृष्ण की उपासना पति के रूप में करती हैं। उनका रूप मनमोहक है। उन्होंने सिर पर मोर-मुकुट धारण किया हुआ है। मीरा के लिए वही उनके एकमात्र रक्षक और सर्वस्व हैं, अन्य कोई नहीं।
2. लोग मीरा को बावरी क्यों कहते हैं?
उत्तर: लोग मीरा को बावरी (पागल) कहते हैं क्योंकि उन्होंने राजपरिवार की मर्यादा त्यागकर कृष्ण के प्रेम में खुद को लीन कर लिया है। वे संतों के साथ बैठकर पैरों में घुँघरू बाँधकर नाचती-गाती हैं।
3. विष का प्याला राणा भेज्या, पीवत मीरा हाँसी—इसमें क्या व्यंग्य छिपा है?
उत्तर: इसमें यह व्यंग्य है कि राणा ने मीरा को मारने के लिए विष का प्याला भेजा, लेकिन कृष्ण-भक्ति के कारण वह विष भी अमृत बन गया। मीरा उसे हँसते हुए पी गईं। यह विरोधियों की हार का प्रतीक है।
4. मीरा जगत को देखकर रोती क्यों हैं?
उत्तर: मीरा संसार के लोगों को सांसारिक मोह-माया और व्यर्थ के कामों में उलझा देखकर रोती हैं। वे दुखी हैं कि लोग ईश्वर के सच्चे प्रेम और भक्ति को छोड़कर क्षणभंगुर सुखों के पीछे भाग रहे हैं।
5. 'अँसुवन जल सींचि-सींचि, प्रेम-बेलि बोयी' का भाव स्पष्ट करें।
उत्तर: इसका भाव यह है कि मीरा ने अपने आँसुओं के जल से सींचकर कृष्ण-प्रेम रूपी बेल को बोया और बड़ा किया है। अब यह बेल फैल गई है और इसमें आनंद रूपी फल लगने लगे हैं।

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