हिन्दी (म. प्र.) : कक्षा IX
5. मुहावरे और उनका प्रयोग
मुहावरा— जब कोई वाक्य या वाक्यांश अपने साधारण अर्थ को छोड़कर विशेष (विलक्षण या लाक्षणिक) अर्थ को प्रकट करे उसे मुहावरा कहते हैं।
(1) अक्ल का दुश्मन = मूर्ख व्यक्ति।
सलीम से इस कार्य की आशा न करो, वह तो अक्ल का दुश्मन है।
(2) अपने पैरों पर खड़ा होना = स्वावलम्बी होना।
अपने पैर पर खड़े होने के बाद ही शादी करना उचित है।
(3) अंधे की लाठी = एक मात्र सहारा।
श्रवण कुमार अपने माता-पिता के लिए अंधे की लाठी था।
(4) अंगूठा दिखाना = धोखा देना।
अपना काम निकल जाने पर रमेश ने मोहन को अंगूठा दिखा दिया।
(5) आँखें फेरना = ध्यान न देना।
मेरी माँ की मृत्यु के बाद मेरे मामाओं ने भी मुझसे आँखें फेर लीं।
(6) आँख दिखाना = रोष या अवज्ञा सूचक दृष्टि से देखना।
बब्लू शैतानी कर रहा था, माँ के आँख दिखाते ही चुपचाप बैठ गया।
(7) आँखों का तारा होना = अत्यधिक प्यारा होना।
सोहन अपनी विधवा माँ की आँखों का तारा है।
(8) आँख में धूल झोंकना = धोखा देना।
न्यायालय जाते समय चोर, सिपाही की आँख में धूल झोंक कर भाग गया।
(9) आग बबूला होना = बहुत अधिक क्रोधित होना।
अपने छोटे भाई को सिगरेट पीते देख बड़ा भाई सोमेश आग बबूला हो गया और उसने छोटे की जमकर पिटाई कर दी।
(10) आस्तीन का साँप = निकट का शत्रु।
लोगों को आस्तीन के साँप से सदा सावधान रहना चाहिए।
(11) ईद का चाँद होना = बहुत दिनों बाद दिखना।
तुम तो भाई ईद के चाँद हो गये हो, ठीक दो साल बाद मिल रहे हो, कहाँ थे इतने दिन ?
(12) ईंट का जवाब पत्थर से देना = जैसे का तैसा।
राणा प्रताप ने अकबर को ईंट का जवाब पत्थर से दिया।
(13) ईंट से ईंट बजा देना = युद्धात्मक विनाश लाना।
शिवाजी ने औरंगजेब की ईंट से ईंट बजा दी।
(14) उड़ती चिड़िया पहचानना = रहस्य की बात जानना।
गणेश को कोई धोखा नहीं दे सकता, क्योंकि वह उड़ती चिड़िया पहचानता है।
(15) उँगली उठाना = दोषी ठहराना।
मुझ पर कोई उँगली नहीं उठा सकता, क्योंकि मैं कभी गलत काम नहीं करता।
(16) उल्लू सीधा करना = अपना कार्य सिद्ध करना।
उसने अपना उल्लू सीधा किया और चलते बना।
(17) कान में भनक पड़ना = रहस्य की बात जानना।
सैनिक विद्रोह करने वाले हैं इसकी भनक राजा को लग चुकी है।
(18) काम तमाम करना = समाप्त करना।
सिपाही ने एक ही बार में डकैत का काम तमाम कर दिया।
(19) कुत्ते की मौत मरना = बुरी दशा में मरना।
कुख्यात डाकू एक मुठभेड़ में कुत्ते की मौत मारा गया।
(20) कमर कसना = तत्पर होना।
अगले हफ्ते में परीक्षा होगी, तुम लोग कमर कस लो।
(21) कलेजा न पसीजना = दया न आना।
मित्र की दयनीय दशा देखकर भी यदि मित्र का कलेजा न पसीजे तो वह मित्रता के लायक नहीं है।
(22) कलई खोलना = पोल खोलना, दोषों को स्पष्ट कर देना।
नेताजी के भ्रष्टाचारों का प्रमाण देकर रंजीत ने उनकी कलई खोल दी।
(23) खून पसीना एक करना = बहुत मेहनत करना।
पिताजी ने खून पसीना एक करके यह मकान बनवाया है।
(24) खून के घूँट पीना = गुस्से को जाहिर न करना।
मालिक द्वारा बेकसूर माली दादा को पिटते देखकर प्रसून खून के घूँट पीकर रह गया।
(25) गुदड़ी का लाल होना = गरीब घर में गुणवान पैदा होना।
श्री लाल बहादुर शास्त्री गुदड़ी के लाल थे।
(26) गागर में सागर भरना = थोड़े में बहुत।
बिहारी दास के दोहे तो गागर में सागर हैं।
(27) गड़े मुर्दे उखाड़ना = पुरानी बातों की शिकायत करना।
जब समझौता कर ही चुके हो तो अब गड़े मुर्दे क्यों उखाड़ते हो।
(28) गले का हार होना = अधिक प्रिय होना।
सबसे छोटा बेटा माँ के गले का हार बन जाता है।
(29) घाट-घाट का पानी पीना = अधिक अनुभवी होना।
उसे सीधा-सादा समझना तुम्हारी भूल है, उसने तो घाट-घाट का पानी पिया है।
(30) घड़ों पानी पड़ना = शर्माना या उदास हो जाना।
मेरी बात सुनते ही उस पर घड़ों पानी पड़ गया।
(31) चार चाँद लगाना = और भी सुन्दर करना।
पत्रिका में विषय-वस्तु उत्तम कोटि की है और उसमें नयनाभिराम चित्रों ने तो चार चाँद ही लगा दिये हैं।
(32) चक्की पीसना = कष्ट में पड़ना।
देखो बेटे ! गलत काम करोगे तो जेल में चक्की पीसनी पड़ेगी।
(33) चेहरा लाल होना = गुस्सा या शर्म के भाव चेहरे पर आ जाना।
शर्म से उसका चेहरा लाल हो गया।
(34) डूबते को तिनके का सहारा = बेसहारे को सहारा मिल जाना।
ऐसी विषम परिस्थिति में तुम्हारी यह मदद मेरे लिए डूबते को तिनके का सहारा है।
(35) छक्के छुड़ाना = हरा देना या जमकर मुकाबला करना।
म. प्र. 2022
भारतीय हॉकी टीम ने मलेशियाई टीम के छक्के छुड़ा दिये।
(36) ठेस लगना = दुखद अनुभव होना।
बेटे के असफल होने के समाचार से माँ को तो ठेस लगेगी ही।
(37) ढाढ़ें मारकर रोना = जोर-जोर से रोना।
खोये हुए लड़के को पाकर माँ ढाढ़ें मारकर रोने लगी।
(38) ताड़ जाना = किसी बात को न बताने पर भी समझ जाना।
रतन को देखते ही दादा जी ताड़ गये कि वह बगीचे से आम चुरा के आया है।
(39) दाँत पीसना = गुस्सा प्रदर्शित करना।
मुझे फूल तोड़ता देख माली दाँत पीसता हुआ मेरे पीछे दौड़ा।
(40) धूप में बाल सफेद करना = बिना अनुभव लिये अधिक उम्र का होना।
तुमको वह छोटा-सा कार्य नहीं आता। मालूम होता है कि बाल धूप में सफेद हुए हैं।
(41) निहाल होना = अत्यधिक खुश होना।
मोहिनी घनश्याम जैसा सुयोग्य बेटा पाकर निहाल हो गई।
(42) नाक में दम करना = बहुत तंग करना।
मीनू और रिंकू की शरारतों ने नाक में दम कर दिया है।
(43) पगड़ी उछालना = बदनाम करना या निन्दा करना।
दूसरे की पगड़ी उछालने में कुछ लोगों को बड़ा मजा आता है।
(44) पानी-पानी होना = शर्मिन्दा होना।
रामू अपनी करनी पर पानी-पानी हो गया।
(45) पेट काटना = कंजूसी करना।
मोहन की माँ ने उसे पेट काटकर पढ़ाया है।
(46) पेट पूजा करना = खाने पर ही ध्यान देना।
जो लोग पेट पूजा पर ही लगे रहते हैं वे आगे नहीं बढ़ सकते।
(47) फावड़े टिकाना = विश्राम करना।
श्रमिक लोग यदि फावड़े टिका दें तो संसार की गति रुक जायेगी।
(48) भौहों पर बल पड़ना = नाराज होना।
अकबर का सन्देश सुनकर राणा प्रताप की भौंहों पर बल पड़ गये।
(49) मुँह छिपाना = किसी गलती से लजाना।
मैं उसकी चोरी की बात जानता हूँ, इसलिए वह मुझे देखते ही मुँह छिपाने लगा।
(50) मिट्टी में मिलना = नष्ट होना।
समय पर कार्यवाही न होने के कारण उसके अरमान मिट्टी में मिल गये।
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