महादेवी वर्मा का जीवन परिचय निम्न बिंदुओं के आधार पर लिखिए दो रचनाएं भाव पक्ष कला पक्ष साहित्य में स्थान।

महादेवी वर्मा का जीवन परिचय | रचनाएँ, भावपक्ष, कलापक्ष, साहित्य में स्थान

🌸 महादेवी वर्मा का जीवन परिचय 🌸

नाम: महादेवी वर्मा

जन्म: 26 मार्च 1907, फर्रुखाबाद (उत्तर प्रदेश)

मृत्यु: 11 सितम्बर 1987

उपाधि: आधुनिक मीरा, छायावाद की प्रमुख स्तंभ

📚 रचनाएँ

  • नीहार
  • रश्मि
  • नीरजा
  • सांध्यगीत
  • दीपशिखा
  • यामा (ज्ञानपीठ पुरस्कार प्राप्त कृति)
  • श्रृंखला की कड़ियाँ
  • अतीत के चलचित्र
  • स्मृति की रेखाएँ

💖 भावपक्ष

महादेवी वर्मा की काव्य रचनाओं में विरह, करुणा, वेदना और आध्यात्मिक प्रेम की प्रधानता मिलती है। उनकी कविताओं में आत्मा और परमात्मा के मिलन की आकांक्षा तथा गहन संवेदनशीलता दिखाई देती है। उनका काव्य रहस्यवादी तथा मार्मिक है।

🎨 कलापक्ष

  • सरल एवं संगीतात्मक भाषा
  • संस्कृतनिष्ठ शब्दावली का प्रयोग
  • अलंकारों का सुंदर प्रयोग
  • चित्रात्मक शैली एवं प्रतीकात्मकता
  • छायावादी काव्य शैली

🏆 साहित्य में स्थान

महादेवी वर्मा हिंदी साहित्य के छायावाद युग की प्रमुख कवयित्री थीं। उन्हें "आधुनिक मीरा" कहा जाता है। वे छायावाद के चार स्तंभों में से एक मानी जाती हैं। हिंदी साहित्य में उनका स्थान अत्यंत ऊँचा और सम्माननीय है।


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