हरित, श्वेत, पीत, नीली और गुलाबी क्रांति | Mains Education
हरित, श्वेत, पीत, नीली और गुलाबी क्रांति
भारत में विभिन्न क्रांतियाँ कृषि, मत्स्य, दुग्ध, तिलहन और प्रोसेस्ड फूड से जुड़ी रहीं, जिन्होंने उत्पादन क्षमता और आत्मनिर्भरता दोनों को मजबूत किया.
🌾 हरित क्रांति
हरित क्रांति कृषि और खाद्यान्न उत्पादन में उन्नत बीज, सिंचाई और उर्वरक तकनीकों से तेज वृद्धि का प्रतीक है.
🥛 श्वेत क्रांति
श्वेत क्रांति ‘ऑपरेशन फ्लड’ जैसे प्रयासों से दूध और दुग्ध उत्पादों के संगठित उत्पादन एवं वितरण पर केंद्रित रही.
🌻 पीत क्रांति
पीत क्रांति का फोकस तिलहन और खाद्य तेल उत्पादन बढ़ाकर आयात-निर्भरता कम करना रहा.
🐟 नीली क्रांति
नीली क्रांति ने समुद्री और मीठे पानी की मत्स्य-उत्पादन प्रणालियों को सुदृढ़ किया जिससे प्रोटीन उपलब्धता में मदद मिली [.
🍤 गुलाबी क्रांति
गुलाबी क्रांति का संबंध झींगा और प्रोसेस्ड मांस/सी-फूड वैल्यू-चेन के विस्तार से जोड़ा जाता है.
📌 संक्षेप में:
हरित – अनाज उत्पादन | श्वेत – दूध | पीत – तिलहन/खाद्य तेल | नीली – मत्स्य | गुलाबी – झींगा/प्रोसेस्ड मीट [web:1].
✨ यह शैक्षणिक लेख प्रस्तुत किया गया है
Mains Education की ओर से।
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